Friday, April 10, 2009

कुछ हुआ और शयरी हो गई

"हम गर जीते नही आप की खतीर
पर एक बार मर तो सकते हैं
बातें ना हो आपसे गम नही
आपको याद कर तो सकते हैं "




"भूल जाओ मुझे गम नही
यादों में भी न आओ गम नही
बस जब लगी हो दोस्ती की महफिल
तेरे होटों पे एक बार - नाम मेरा आए ये ही कम नही "


" ज़िन्दगी लम्बी है कई मोड़ आयेंगे
यादों के साए हम ओढ़ आयेंगे
इजाज़त हो आपकी तो कह दें एक बात
आपके हर आँसू से पहले हम ख़ुद को रुलायेंगे"



"कीसी की याद इतनी आई
मेरे दिल को बहुत सताए
जब पुछा खुदा से वो कौन है
तब खुदा को उसकी बनाई
सबसे खूबसूरत चीज़ याद आई "


"गर हो दर्द तो मुझको बता देना

रोने की चाह हो तो मुझको रुला देना
खुसी की हो चाहत तो ऐ दोस्त बस एक बार
दिल से मुझे आवाज़ लगा देना"


"कोई तो होगा जो हमें याद करेगा
मेरे लिए भी फरियाद करेगा
तुम मुझे भूल जाओ तो क्या
कोई तो होगा कहीं जहाँ में
जो ता ज़िन्दगी मुझे याद करेगा"




आज फिर मौसम ऐ बहार आई
आज फिर तेरी याद आई
तेरी याद की खुशबू इस तरह महकी
आज फिर चांदनी मेरे आँगन में - उतर आई
ऐ दोस्त
आज फिर तेरी याद आई"



"सोचा न था तुम ज़िन्दगी में आओगे
मेरे जीवन में ऐसे बहार लाओगे
अब गम और दर्द की जगह नही अब बची
सोचा न था इतनी खुसी में मुझे डुबाओगे "



"zinda रहने की वजह ढूँढ़ते हैं
तुमसे मिलने की वजह ढूँढ़ते हैं
करते हैहर साँस तुम्हे पाने की दुआ
हर इंसान में हम अब तेरा
हाँ तेरा अक्स ढूंढते हैं"

No comments: